Sunday 31 August 2008

ठेकेदार भाग लिया

फावडे ने
मिटटी काटने से इंकार कर दिया
और
बदरपुर पर जा बैठा
एक और |
ऐसे में
तसले को मिटटी धोना
कैसे गवारा होता ?
काम छोड़ आ गया
फावडे की बगल में |
धुर्मुत की कदमताल ... रुक गई,
कुदाल के इशारे पर
तत्काल,
जाल ज्यों ही कुढ़ती हुई
रोती बड़बड़ाती हुई
आ गिरी औंधे मुंह
रोडी के ऊपर |
- आख़िर ये कब तक?
कब तक सहेंगे हम ?

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