Wednesday 23 July 2008

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

तुम एम.ए. फ़ास्ट डिवीज़न हो, मैं हुआ मेट्रिक फेल प्रिए,
मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

तुम फ़ौजी अफ़सर की बेटी, मैं तो किसान का बेटा हूँ,
तुम राबड़ी खीर मलाई हो, मैं तो सत्तू साप्रेता हूँ,
तुम एसी घर में रहती हो, मैं पेड़ के नीचे लेता हूँ,
तुम नई मारुति लगती हो, मैं स्कूटर लमरेता हूँ,
इस कदर अगर हम चुप-चुप कर आपस मे प्रेम बढ़ाएँगे,
तो एक रोज़ तेरे डॅडी अमरीश पूरी बन जाएँगे,
सब हड्डी पसली तोड़ मुझे भिजवा देंगे वो ज़ैल प्रिए,

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

तुम अरब देश की घोड़ी हो, मैं हूँ गदहे की नाल प्रिए,
तुम दीवाली का बोनस हो, मैं भूखो की हड़ताल प्रिए,
तुम हीरे जड़ी तश्तारी हो, मैं अल्मुनियम का थाल प्रिए,
तुम चिकन-सूप बीरयानी हो, मैं कंकड़ वाली दाल प्रिए, :hysterical:
तुम हिरण-चाओकाड़ी भारती हो, मैं हूँ कछुए की चाल प्रिए,
तुम चंदन-वॅन की लकड़ी हो, मैं हूँ बबूल की छाल प्रिए,
मैं पाके आम सा लटका हूँ, मत मारो मुझे गुलेल प्रिए, :hysterical::hysterical:

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

मैं शनि-देव जैसा कुरूप, तुम कोमल काँचन काया हो,
मैं तन-से मन-से कांशी राम, तुम महा चंचला माया हो,
तुम निर्मल पावन गंगा हो, मैं जलता हुआ पतंगा हूँ,
तुम राज घाट का शांति मार्च, मैं हिंदू-मुस्लिम दंगा हूँ, :hysterical:
तुम हो पूनम का ताजमहल, मैं काली गुफ़ा जनता की,
तुम हो वरदान विधाता का, मैं ग़लती हूँ भगवांता की,
तुम जेट विमान की शोभा हो, मैं बस की तेलम-तेल प्रिए, :hysterical:

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए

तुम नई विदेशी मिक्सी हो, मैं पत्थर का सिलबत्ता हूँ,
तुम ए.के.-सैंतालीस जैसी, मैं तो इक देसी काटता हूँ,
तुम चतुर राबड़ी देवी सी, मैं भोला-भला लालू हूँ,
तुम मुक्त शेरनी जंगल की, मैं चिड़ियाघर का भालू हूँ,
तुम व्यस्त सोनिया गाँधी सी, मैं वी.पी.सिन्घ सा ख़ाली हूँ, :hysterical::hysterical:
तुम हँसी माधुरी दीक्षित की, मैं पोलीस्मॅन की गाली हूँ,
कल जेल अगर हो जाए तो दिलवा देना तुम बेल प्रिए,

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

मैं ढाबे के ढाँचे जैसा, तुम पाँच सितारा होटेल हो,
मैं माहुए का देसी ठर्रा, तुम रेड-लेबल की बोटेल हो, :haha:
तुम चित्रा-हार का मधुर गीत, मैं कृषि-दर्शन की झाड़ी हूँ,
तुम विश्वा-सुंदरी सी कमाल, मैं ठेलिय छाप कबाड़ी हूँ,
तुम सोनी का मोबाइल हो, मैं टेलिफोन वाला चोँगा,
तुम मछली मानसरोवर की, मैं सागर तट का हूँ घॉंघा,
दुस मंज़िल से गिर जाऊगा, मत आगे मुझे धकेल प्रिए,

मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,

तुम सत्ता की महारानी हो, मैं विपक्षा की लाचारी हूँ,
तुम हो ममता-ज़ैललिता सी, मैं क्वारा अटल-बिहारी हूँ,
तुम तेंदुलकर का शतक प्रिए, मैं फॉलो ओं की पारी हूँ,
तुम गेट्ज़, मातिज़, करॉला हो मैं लेयलेंड की लॉरी हूँ, :haha:
मुझको रेफ़री ही रेहने दो, मत खेलो मुझसे खेल प्रिए,
मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए,
मैं सोच रहा की रहे हैं क़ब्से, श्रोता मुझको झेल प्रिए,
मुश्किल है अपना मेल प्रिए, ये प्यार नहीं है खेल प्रिए.

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